उरई। 25 साल पहले अपने ही दोस्त को लूट कर उसकी हत्या करने के मामले में कोर्ट ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 60 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त कारावास होगा।
कोंच कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जयप्रकाश निवासी हिलाल अहमद ने 27 मार्च 1999 में पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 26 मार्च 1999 को उसका भाई मुश्ताक और अयोध्या प्रसाद व सलीम एट से कोंच जा रहे थे। रास्ते में उसके भाई मुश्ताक की अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी थी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या व लूट की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी थी।
पुलिस ने मुश्ताक के साथ रहे सलीम व अयोध्या प्रसाद से लूट का माल बरामद किया। पुलिस ने अयोध्या प्रसाद और सलीम के खिलाफ डकैती कोर्ट में 16 मई 1999 में चार्जशीट दाखिल की। पूर्व में अयोध्या प्रसाद को 12 साल पहले सजा हो चुकी थी।
उस वक्त सलीम ने खुद को नाबालिग बताया था। उसकी सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में चल रही थी। 25 साल बाद शनिवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसके बाद स्पेशल जज डकैती कोर्ट डॉ. अवनीश कुमार ने सलीम निवासी चिरगांव जिला झांसी को उम्रकैद की सजा सुनाई।
