उरई। शहर के अंदर जाम की तस्वीरें बढ़ती जा रही हैं। कहीं सड़क निर्माण को लेकर जाम लग रहा है तो कहीं बेतरतीब वाहन खड़े करने को लेकर जाम लग रहा है। सबसे ज्यादा इस समय परेशानी कालपी बस स्टैंड पर बनी हुई है। इस स्थान पर रोजाना घंटों जाम लग रहा है।

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यहां पर कई बार एक से डेढ़ घंटे तक जाम लग रहा है। इसके बाद घंटाघर और बस स्टैंड के पास भी स्थिति सामान्य नहीं है। इस जाम में फंसकर कई मरीजों को देरी से इलाज मिल पाया तो कई महिला मरीजों की प्रसव गाड़ी में हो चुका है। इन घटनाओं के बाद भी व्यवस्था में कोई सुधार नहीं है। शहर के अंदर जाम के मुख्य कारण अतिक्रमण और ई-रिक्शों का कोई रूट नहीं है। जिसके चलते हादसों और जाम की समस्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

सीन- 1

शहर के कालपी बस स्टैंड पर सड़क निर्माण से पहले भी जाम लग रहा है। वहीं, अवैध स्टैंड संचालित होने से इस जाम से निजात नहीं मिल पा रही है।आज भी जाम में एंबुलेंस फंसी रही। सड़क निर्माण के चलते अभी दो महीने इस जाम से जूझना पड़ेगा। इससे निजात के लिए न तो अतिक्रमण हटाया जा रहा है। न ही अवैध स्टैंड को बंद किया जा रहा है। हर मिनट में घंटों के हिसाब से जाम लग रहा है। इस मार्ग पर मेडिकल कॉलेज पड़ता है। जिसमें मेडिकल कॉलेज पहुंचने वाले मरीजों को एक से डेढ़ घंटे परेशान होना पड़ता है। तब इलाज मिल पा रहा है। वहीं स्टेशन रोड पर भी हर मिनट में जाम लगता है। जिसकी वजह ई- रिक्शा बने हुए हैं। कई यात्रियों की ट्रेन तक छूट जाती हैं।

सीन-2

घंटाघर और बस स्टैंड पर भी जाम की ये समस्या बनी हुई है। बस स्टैंड होने के बाद भी डिपो के बसें चालक सड़क पर खड़ी करते हैं। ई-रिक्शों की आसपास भीड़ लगी रहती है। जिससे हर मिनट में जाम लगता है। इमरजेंसी में कोई वाहन नहीं निकल सकता है। ई- रिक्शों के चलते जाम की समस्या बढ़ती जा रही है। यही स्थिति घंटाघर की बनी हुई है। दुकानदार अवैध कब्जा कर सड़क किनारे तक अतिक्रमण किए हुए हैं। जैसे ही बड़ा वाहन गुजरता है तो तत्काल जाम लग जाता है।

मरीजों को मिला देर से इलाज

केस- 1

गुरुवार को राठ निवासी महिला मरीज मानकुंवर को ब्रेन हेमरेज हुआ था। जो उरई के मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने के लिए आए थी। उनकी एंबुलेंस जाम में फंस गई थी। दो घंटे बाद वह मेडिकल कॉलेज पहुंच पाई थी। लेट होने के कारण उन्हें तुरंत झांसी के लिए रेफर कर दिया गया था।

केस-2

पांच सितंबर को कोंच के प्रताप नगर निवासी प्रताप सिंह अपने परिवार की बहू को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। लेकिन अस्पताल के बाहर जाम लगा होने से उसे अंदर नहीं ले जा सके। जिसके चलते उसका प्रसव कार में ही हो गया था। तुरंत डॉक्टर को बाहर बुलाया गया। जिसके बाद दोनों की जान मुश्किल से बच पाई थी।

गाड़ी में खर्च हो रहा दोगुना पेट्रोल, सेल्फ की उम्र आधी हुई

उरई। बाइक मिस्त्री अरशद ने बताया कि अगर गाड़ी जाम में एक घंटे फंस गई तो दोगुना पेट्रोल उसमें लगेगा। छह महीने जाम में चली तो सेल्फ की उम्र आधी हो जाएगी। सिर्फ छह महीने में खराब हो जाएगा। इसके साथ ही एक महीने में क्लच प्लेट भी खराब हो जाएंगी। कालपी रोड के मार्ग जाम में फंसकर खराब होने वाली सबसे ज्यादा गाड़ी क्लच प्लेट और सेल्फ की आ रही हैं। जाम गाड़ियों की उम्र घटा रहा है।

शहर में जाम के प्रमुख कारण

– किसी भी ई-रिक्शा का रूट निर्धारित नहीं हैं। मुख्य बाजार सहित पूरे शहर में अतिक्रमण सड़क तक जमा हुआ है। बड़े वाहन कहीं भी खड़े हो जाते हैं। शहर के अंदर कहीं भी पार्किंग की जगह नहीं है। चौराहों पर जाम खुलवाने के लिए ट्रैफिक पुलिस की कमी है। प्राइवेट व डिपो की बसें सड़क पर खड़ी रहती हैं। न्यायालय के बाहर भी बेतरतीब से वाहन खड़े रहते हैं। मुख्य बाजार में दुकानदारों के बाहर भी बड़े वाहन खड़े रहते हैं।

इस तरह मिल सकती है जाम से निजात

ई-रिक्शों का रूट निर्धारित किया जाए। पार्किग के लिए मुख्य बाजार सहित चौराहों पर व्यवस्था हो। मुख्य बाजार में अतिक्रमण हटवाया जाए। जिससे छोटे वाहन सड़क पर खड़े न हों। स्टेशन रोड पर ई-रिक्शों के लिए स्टैंड हो या निर्धारित ई-रिक्शा खड़े किए जाएं। मुख्य बाजार, कालपी बस स्टैंड, अजनारी फाटक पर ओवरब्रिज की आवश्यकता।

वर्जन-

जाम की समस्या दूर कराने के लिए प्रयास किए जाते हैं। अस्पताल के पास भी ट्रैफिक पुलिस तैनात की गई है। स्टेशन रोड पर स्वयं रोजाना जाते हैं। फोर्स कम होने के चलते व्यवस्था थोड़ी कमजोर है।-वीर बहादुर सिंह, यातायात प्रभारी



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