
2 of 5
– फोटो : amar ujala
बता दें कि राम मंदिर निर्माण को लेकर निर्माण समिति की समय-समय पर बैठक होती रहती है जिसमें निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समय सीमा को लेकर चर्चा की जाती है।

3 of 5
– फोटो : amar ujala
इसके पहले 24 मार्च को हुई बैठक के बाद मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि जो जिम्मेदारी है, उसे पूर्ण करने के लिए लक्ष्य रखा गया है। लगभग नौ माह शेष रह गया है, जो भी निर्माणाधीन कार्य है वह अंतिम चरण में है। मंदिर का निर्माण (जिसमें शिखर भी सम्मिलित है) पूरी आशा है कि अप्रैल माह में पूरा हो जाएगा।

4 of 5
– फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि सप्त मंदिर के बारे में अनुमान है कि वह भी कार्य पूर्ण हो जाएगा। मूर्ति भी स्थापित हो जाएगी। जो पीएफसी का कार्य है, वह पहले ही पूरा हो चुका है। अंगद टीला पर सुंदरीकरण पूरा हो चुका है। रामकथा और रामचरितमानस में गिलहरी की महत्ता से भी लोग अवगत हैं।

5 of 5
– फोटो : amar ujala
मिश्र ने कहा कि जिस तरह से कुबेर टीला पर जटायु को स्थापित किया गया है, उसी प्रकार से अंगद टीला पर गिलहरी की एक मूर्ति स्थापित की जाएगी। गोस्वामी तुलसी दास की मूर्ति स्थापित हो चुकी है। अप्रैल माह में इसे श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा। (शिखर कलश पूजन की एक तस्वीर)
