राजधानी से पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों को आलमनगर रेलवे स्टेशन पर एक शख्स ने दो लीटर ज्वलनशील पदार्थ मुहैया कराया था। एटीएस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से इस ज्वलनशील पदार्थ को बरामद किया था। जिस शख्स ने ज्वलनशील पदार्थ उपलब्ध कराया था, वह अब तक पकड़ से दूर है। अंदेशा है कि वह पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में है। फुटेज व अन्य सुरागों की मदद से उसकी तलाश जारी है।
एटीएस ने दो अप्रैल को संदिग्ध आतंकी साकिब, अरबाब, लोकेश व विकास को गिरफ्तार किया था। इस मॉड्यूल ने देश भर में आतंकी वारदातों को अंजाम देने की साजिश रची थी। मामले में खुलासा हुआ है कि दो अप्रैल की शाम को ये सभी आलमनगर रेलवे स्टेशन के पास पहुंचे थे। यहीं पर एक शख्स आया और उन्हें ज्वलनशील पदार्थ दिया। उसके बाद वह चला गया।
सूत्रों के मुताबिक इन चारों को उस शख्स के बारे में जानकारी नहीं थी। चूंकि चारों की लगातार बातचीत सोशल मीडिया के जरिये पाकिस्तानी हैंडलर्स से हो रही थी, तो उसी हैंडलर्स ने उस शख्स को भेजा था। जांच एजेंसी ने उसे अज्ञात में आरोपी बनाया है। रेलवे स्टेशन व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज एजेंसी ने जुटाए हैं, जिसकी मदद से पांचवें संदिग्ध तक पहुंचने की जद्दोजहद जारी है।
तमाम चैट डिलीट कीं
आरोपियों ने अपने-अपने मोबाइल से तमाम चैट डिलीट कर दी थीं। एटीएस उनके मोबाइल में चैट रिकवर करवा रही है। चैट डिलीट करने की बात आरोपियों ने कबूली थी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर्स कहते थे कि टास्क पूरा होते ही चैट क्लियर कर दिया करो। उसी हिसाब से आरोपी काम कर रहे थे।
लखनऊ के लालकुआं का युवक रडार पर, साकिब की सीधी बातचीत
जांच एजेंसी की तफ्तीश में सामने आया है कि लालकुआं निवासी एक युवक भी मॉड्यूल के संपर्क में रहा है। उससे भी साकिब की सीधी बातचीत हुई। वह भी ट्रकों आदि में आगजनी करने को तैयार था। वह कौन है? क्या किसी वारदात में उसकी भूमिका रही है? आदि सवालों के जवाब जांच एजेंसी तलाश रही है। पुख्ता सबूत मिलने के बाद उस पर भी कार्रवाई हो सकती है।
