झांसी एक बार फिर राजा गंगाधर राव और रानी लक्ष्मीबाई की शादी की सालगिरह मनाने जा रहा है। इस अवसर पर 19 मई को शहर में राजा गंगाधर राव की भव्य बरात निकाली जाएगी। प्राचीन गणेश मंदिर में शादी की प्रतीकात्मक रस्में होंगी। आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने और इसमें जन-जन की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए रविवार को अमर उजाला की ओर से संवाद का आयोजन किया गया।
संवाद में शामिल हुए बुद्धिजीवियों ने कहा कि रानी की शादी की तिथि झांसी के इतिहास की महत्वपूर्ण तारीखों में से एक है। इसी दिन झांसी को उसकी रानी मिली थी। महाराष्ट्रीय परंपरा के अनुसार विवाहोपरांत रानी का नाम लक्ष्मीबाई रखा गया था। कालांतर में यही नाम देश और दुनिया में नारी शक्ति का प्रतीक बनकर उभरा। झांसी के गौरवशाली इतिहास को जीवंत बनाए रखने के लिए इस तरह के आयोजनों का होना बेहद जरूरी है। रानी की शादी की सालगिरह के आयोजन में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। 19 मई को लक्ष्मी व्यायाम मंदिर से शाम चार बजे राजा गंगाधर राव की भव्य बरात निकाली जाएगी, जो पंचकुइयां, कोतवाली, सिंधी तिराहा, मानिक चौक, सराफा बाजार होते हुए गणेश मंदिर पहुंचेगी। यहां द्वाराचार के बाद रानी और राजा की शादी की प्रतीकात्मक रस्में होंगी।
इस मौके पर महाराष्ट्र गणेश मंदिर कमेटी के सचिव गजानन खानवलकर, महारानी लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अरविंद ओझा, लोकमान्य तिलक कन्या इंटर कॉलेज की पूर्व प्रधानाचार्य रजनी आगवेकर, अतुल किलपन, पंकज शुक्ला, मिलिंद देसाई, मनीषा खानवलकर, प्रतिष्ठा खेर, सुप्रिया खानवलकर, राघव इंदापुरकर, निशीकांत भागवत, अजय चड्डा, प्रिंस भुसारी, रवि गुप्ता, यासीन मोहम्मद, अंकुर बट्टा, उज्ज्वल देवधर, अभिषेक जोशी, संजय तलवलकर, हरनारायण सविता, अशोक गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
