राप्ती सागर एक्सप्रेस 12512 में बैठने के लिए यात्री को सीट नहीं मिली तो उसने ट्रेन में बम होने की अफवाह उड़ा दी। बम की सूचना मिलते ही ऐशबाग स्टेशन पर ट्रेन को रोक दिया गया। यात्रियों को ट्रेन से उतारकर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। करीब डेढ़ घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा। जीआरपी ने सूचना देने वाले यात्री को फोन किया तो वह ट्रेन के भीतर ही मिला।
जीआरपी इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह के मुताबिक मूलरूप से तेलंगाना के रजाना स्थित विमलवाड़ा निवासी सैनी जैकी (26) ने रेलवे के हेल्पलाइन नंबर पर राप्तीसागर एक्सप्रेस के कोच एस-2 में बम की सूचना दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी, आरपीएफ व बम निरोधक दस्ता ऐशबाग स्टेशन पर पहुंच गया। ट्रेन से यात्रियों को नीचे उतारा गया। काफी देर तक छानबीन के दौरान ट्रेन में कुछ संदिग्ध वस्तु नहीं मिला।
इसके बाद सैनी जैकी से पूछताछ की गई तो वह गुमराह करने लगा। सैनी ने पहले बताया कि ट्रेन आउटर में कुछ देर के लिए रुकी थी। इस दौरान चार युवक ट्रेन से तेजी से उतर गए। चारों युवकों ने ही ट्रेन में बम होने की बात कही थी।
आरोपी के बयान से संदेह होने पर जीआरपी ने सैनी से सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया। आरोपी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और बैठने के लिए सीट नहीं मिलने पर अफवाह उड़ाने की बात बताई। जीआरपी सैनी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जीआरपी इंस्पेक्टर का कहना है कि कोच एस-2 और पूरी ट्रेन की चेकिंग के बाद उसे रवाना कर दिया गया।
