झांसी। बुंदेलखण्ड कॉलेज में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दो दिवसीय ‘दीक्षारंभ कार्यक्रम-2026’ का आयोजन स्वर्ण जयंती सभागार में किया गया। कार्यक्रम के पहले दिन विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, विभिन्न विभागों, पाठ्यक्रमों, परीक्षा व्यवस्था, छात्रवृत्ति, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, सुविधाओं और नियमों की जानकारी दी गई। साथ ही विद्यार्थियों को अनुशासन, रचनात्मकता, व्यक्तित्व विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक किया गया।
प्रारंभिक सत्र में प्रो. नवेंद्र सिंह ने महाविद्यालय के गौरवपूर्ण इतिहास, शैक्षणिक परंपरा, उपलब्धियों, विजन एवं मिशन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी शिक्षण संस्थान की पहचान केवल उसके परीक्षा परिणामों से नहीं, बल्कि उसके मूल्यों, अनुशासन, सामाजिक प्रतिबद्धता और विद्यार्थियों के समग्र विकास से होती है। प्रो. मंजरी दमेले ने विद्यार्थियों से महाविद्यालय की गरिमापूर्ण परंपराओं को आगे बढ़ाने और अध्ययन काल का सार्थक उपयोग करने का आह्वान किया।
डॉ. सारांश लोहिया ने विभिन्न विभागों एवं प्राध्यापकों का परिचय देते हुए विद्यार्थियों को शैक्षणिक अवसरों और विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। डॉ. श्याम मोहन पटेल ने ‘विद्यार्थी, प्रकृति एवं पर्यावरणीय चेतना’ विषय पर संबोधित किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित परिसर के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक किया।
डॉ. रामानंद जायसवाल ने विभिन्न डिग्री पाठ्यक्रमों की संरचना, अध्ययन की प्रकृति और उच्च शिक्षा में उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी दी। डॉ. आरबी मौर्य ने छात्रवृत्ति योजनाओं, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से समय पर आवेदन करने का आग्रह किया।
डॉ. नीलम सिंह ने परीक्षा व्यवस्था, असाइनमेंट, परीक्षा फॉर्म भरने और एनसीसी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। डॉ. नरेंद्र गुप्ता ने सह-पाठ्यक्रम एवं विभागीय गतिविधियों के तहत पर्यटन गतिविधियों, लीगल एड, पोस्टर प्रतियोगिता और एजुकेशनल टूर सहित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। डॉ. विवेक सिंह ने एंटी रैगिंग व्यवस्था और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की भूमिका बताते हुए सुरक्षित एवं अनुशासित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया।
डॉ. वंदना कुशवाहा के मार्गदर्शन में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ नृत्य समेत विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। मंच संचालन डॉ. रामानंद जायसवाल ने किया। कार्यक्रम में डॉ. आकाश, डॉ. नागेंद्र सिंह, डॉ. राकेश यादव, डॉ. चंदन सिंह और डॉ. अश्वनी कुमार सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक मौजूद रहे। अंत में डॉ. सुरेंद्र नारायण ने धन्यवाद ज्ञापित किया। डॉ. कमलेश सिंह, डॉ. राम आसरे राजपूत एवं डॉ. रामनारायण के मार्गदर्शन में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ।
