मोहनलालगंज में धर्मांतरण गिरोह संचालकों ने बच्चों की पढ़ाई के नाम पर लोगों को गुमराह किया। इसके बाद इलाके के कई बच्चों को पढ़ाई के नाम पर दूसरे राज्यों में भेज दिया। ऐसे ही दूसरे राज्यों के बच्चों को मोहनलालगंज में खोले गए मिशनरी स्कूलों में दाखिला दिया। इन बच्चों को बाहरी लोगों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती है। अक्सर परेशान होकर बच्चे हॉस्टल से भाग भी जाते हैं।
धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद इलाके में संदिग्ध गतिविधियां कम हो गई हैं। गिरोह के सदस्यों ने ठिकाने बदल लिए हैं। अब ये लोग दुबग्गा, कृष्णानगर, आशियाना और पारा इलाके में सक्रिय हैं। रविवार को गिरोह के सदस्य चर्च की जगह घरों में प्रार्थना सभा कराने लगे हैं।
उल्लेखनीय है कि 23 जुलाई की रात में धर्मांतरण को लेकर स्थानीय लोगों ने हंगामा किया था। शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरोह का सरगना डेनियल ने खुद अपना धर्म बदला था। इसके बाद से वह मोहनलालगंज इलाके में लोगों को लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन करवाता था।
चर्च से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि आज
भदेसुवा गांव में बने चर्च से जुड़े दस्तावेज अभी तक संचालक और केयरटेकर प्रशासन को नहीं दे पाए हैं। बुधवार को तहसीलदार कोर्ट में दस्तावेज दाखिल करने का अंतिम मौका है। प्रशासन का कहना है कि कई बार नोटिस भेजा गया लेकिन चर्च संचालक की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया गया। ऐसे में एक अंतिम नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि छानबीन में चर्च सरकारी जमीन पर बना पाया गया था।
