भाजपा के चुनावी अभियान को धार देने को लेकर अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। इसके तहत अब भाजपा और संघ की प्रातंवार समन्वय बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी कड़ी में बुधवार को अवध और कानपुर प्रांत के संघ पदाधिकारियों के साथ भाजपा और संघ की समन्वय बैठक हुई, जिसमें जमीनी फीडबैक और चुनौतियों के बारे में जानकारी ली गई। फीडबैक में संघ के सर सहकार्यवाह अरुण कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष ने पदाधिकारियों से विपक्ष के एजेंडे न फंसने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बल्कि उसे सटीक व तथ्यात्मक तरीके से जवाब दें।
विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बुधवार को राजधानी के एक रिसॉर्ट में हुई आरएसएस और भाजपा की समन्वय बैठक में चुनाव से पहले की चुनौतियों और संगठन की तैयारियों पर मंथन हुआ। बैठक में पदाधिकारियों से जमीनी फीडबैक लिया गया। इसमें पदाधिकारियों ने यूजीसी, पेपर लीक, शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों के साथ निचले स्तर पर भ्रष्टाचार और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को प्रमुख चुनौती बताया।
बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने पदाधिकारियों से कहा कि विपक्ष के नैरेटिव में उलझने के बजाय संगठन को अपने मुद्दों और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपने मुद्दों को लेकर हमलावर रहेगा, लेकिन संगठन के लोगों को उसके नैरेटिव में फंसने से बचना होगा। अपने चुनावी मुद्दों के साथ जनता के बीच पहुंचने पर जोर दिया गया।
बैठक में पदाधिकारियों ने बताया कि यूजीसी, पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार से जुड़े सवाल युवाओं के बीच चर्चा में हैं। इन मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। पिछले दिनों प्रदेश में इन विषयों को लेकर हुए प्रदर्शनों का भी बैठक में उल्लेख किया गया। साथ ही निचले स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायतों और उन पर समय से सुनवाई न होने को भी गंभीर मुद्दा बताया गया।
