झांसी। लघु सिंचाई विभाग में टेंडर प्रक्रिया की शर्तों की अनदेखी और ठेकेदारों से वसूली का आरोप लगाते हुए इसकी जांच कराए जाने की मांग की गई है। शिकायती पत्र में कहा गया कि विभाग की ओर से कुछ कार्यों के लिए निविदा आमंत्रित की गई।
इसमें ठेकेदारों के लिए दो साल का अनुभव प्रमाणपत्र अनिवार्य किया गया लेकिन मनमाने तरीके से अपने चहेते ठेकेदारों को एक साल के अनुभव प्रमाणपत्र पर ही पात्र मानकर निविदा प्रक्रिया में शामिल कर लिया गया है। आरोप लगाया गया कि इसके बदले ठेकेदारों से वसूली की जा रही है। आरोप है कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों में भी गड़बड़ी की गई। चेकडैम, तालाब और ब्लास्ट कूप कार्यों में भी वसूली की जा रही है। जिलाधिकारी एवं मंडलायुक्त कार्यालय में शिकायत भेजते हुए इसकी जांच कराए जाने की मांग की है हालांकि अधिशासी अभियंता अश्वनी सिन्हा ने इससे इन्कार किया है। उनका कहना है कि निविदा प्रक्रिया में सभी को शामिल किया गया है। इसमेें किसी तरह की अनियमितता नहीं है।
