उरई/कोटरा। थाना क्षेत्र के सीकरी व्यास गांव में मंगलवार सुबह दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। महिला अपने डेढ़ साल के बेटे की गर्दन पर बैठ गई, जिससे मासूम ने दम तोड़ दिया। पति की तहरीर पर पुलिस ने महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है।
थाना क्षेत्र के सीकरी व्यास गांव निवासी राजेश बरार मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी शादी करीब दस वर्ष पहले हमीरपुर जिले के बंगरा गांव निवासी पारो (28) से हुई थी। दंपती के चार बच्चे हैं। इनमें दो बेटे ऋषभ (7) और रितिक (डेढ़ वर्ष) तथा दो बेटियां रश्मि (6) और मोहिनी (4) हैं। परिवार में राजेश के माता-पिता भी साथ रहते हैं।
परिजनों ने बताया कि पारो पिछले कई महीनों से मानसिक रूप से बीमार चल रही थी। चार महीने से ग्वालियर में उसका मानसिक स्वास्थ्य संबंधी इलाज भी कराया जा रहा था। वह तीन बार घर से कहीं जा भी चुकी थी। बाद में जानकारी मिलने पर राजेश उसे वापस घर लेकर आया था। उसकी हरकतों के कारण बच्चे भी उसके पास सोने से डरते थे। बताया कि महिला कभी-कभी गुस्से में परिवार के लोगों के साथ मारपीट करने लगती थी। इसी वजह से छोटा बेटा रितिक अधिकतर अपनी दादी शांति या दादा परमानंद के पास सोता था।
मंगलवार तड़के करीब चार बजे रितिक अपने दादा परमानंद के पास लेटा था। आरोप है कि इसी दौरान पारो उसे उठाकर अपने पास ले गई और उसका गला दबा दिया। सुबह करीब पांच बजे राजेश की नजर बच्चे पर पड़ी तो उसने देखा कि पारो बच्चे की गर्दन पर बैठी हुई थी और उसके हाथ गर्दन पर थे। राजेश ने तत्काल पत्नी को धक्का देकर बच्चे से अलग किया, लेकिन तब तक रितिक की सांसें थम चुकी थीं। बच्चे के गले पर दबाव के निशान भी मिले। इसके बाद राजेश ने डायल 112 पर सूचना दी।
सूचना मिलते ही कोटरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। साक्ष्य जुटाने के लिए फील्ड यूनिट को भी बुलाया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की। मामले में पति की तहरीर पर आरोपी महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
20 दिन पहले बड़ी बेटी पर भी किया था लाठी से हमला
परिजनों ने बताया कि पारो का गुस्सा इतना बढ़ जाता था कि वह बच्चों के साथ भी मारपीट करने लगती थी। करीब 20 दिन पहले बड़ी बेटी रश्मि घर में खेल रही थी। इसी दौरान उसके शोर मचाने पर पारो गुस्से में आ गई और वहां पड़ी लाठी से उस पर हमला कर दिया था। इससे रश्मि को चोट आई थी। परिजनों के अनुसार, महिला के व्यवहार से बच्चे भी सहमे रहते थे। इसके बावजूद उसका इलाज कराया जा रहा था।
वर्जन
परिजनों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। आरोप है कि मां ने अपने ही डेढ़ वर्षीय बेटे की गला दबाकर हत्या की है। पति की तहरीर पर आरोपी महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
– राजीव कुमार शर्मा, सीओ
व्यक्ति क्यों खो देता है आपा, क्या हैं इसके लक्षण और उपचार
मनोरोग चिकित्सक अर्चना विश्वास के अनुसार कुछ मानसिक बीमारियों में व्यक्ति का अपने व्यवहार और भावनाओं पर नियंत्रण कमजोर पड़ सकता है। इसके पीछे गंभीर तनाव, अवसाद, बाइपोलर डिसऑर्डर, मनोविकृति, नींद की कमी और अन्य मानसिक या शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करने लगता है। कई बार वह चिड़चिड़ापन, शक, आक्रामक और असामान्य व्यवहार करने लगता है। कुछ गंभीर मामलों में व्यक्ति को सही और गलत का अंतर समझने में भी परेशानी हो सकती है।
क्या हैं प्रमुख लक्षण
छोटी-छोटी बातों पर अचानक गुस्सा आना।
परिवार के लोगों से मारपीट या हिंसक व्यवहार करना।
बिना वजह शक करना और असामान्य बातें करना।
नींद और खानपान में बदलाव आना।
अकेले रहना, चिड़चिड़ापन और व्यवहार में अचानक परिवर्तन होना।
खुद को या दूसरों को नुकसान पहुंचाने की बात करना।
क्या है उपचार
मानसिक बीमारी का उपचार संभव है। इसके लिए सबसे पहले मनोरोग विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है। बीमारी के प्रकार और गंभीरता के अनुसार दवाएं, मनोचिकित्सा और नियमित परामर्श दिया जाता है। दवाओं का सेवन चिकित्सक की सलाह के अनुसार करना चाहिए और बीच में उपचार बंद नहीं करना चाहिए। मरीज के व्यवहार में अचानक बदलाव या हिंसक प्रवृत्ति दिखाई देने पर उसे अकेला नहीं छोड़ना चाहिए।

फोटो – 04 मृतक रितिक की फाइल फोटो।

फोटो – 04 मृतक रितिक की फाइल फोटो।
