कालपी (उरई)। बार एसोसिएशन अध्यक्ष गयादीन अहिरवार के अपहरण और हत्याकांड में फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी सुपारी किलर पवन यादव उर्फ मोनू को पुलिस ने मंगलवार देर रात मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। जोल्हूपुर-मदारीपुर मार्ग पर सोहरापुर गांव के पास हुई मुठभेड़ में उसके दोनों पैरों में गोली लगी है।
कालपी में शनिवार शाम कार सवार बदमाशों ने कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार (68) का अपहरण कर लिया था। रविवार सुबह उनका रक्तरंजित शव कानपुर नगर के गुजैनी थाना क्षेत्र के गंभीरपुर गांव के पास नहर में मिला था। घटना के बाद पुलिस ने सर्वेश शुक्ला, आशीष विश्वकर्मा और केशव कटियार को गिरफ्तार किया था। जमीन के विवाद में हत्या की सुपारी देने वाले ठेकेदार इंद्रजीत यादव को भी हिरासत में लिया गया था। रविवार शाम घटना में इस्तेमाल कार बरामद कराने के दौरान सर्वेश और आशीष पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गए थे लेकिन सुपारी लेने वाला मुख्य किरदार पवन उर्फ मोनू फरार था। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
मंगलवार देर रात पुलिस को मोनू के जोल्हूपुर-मदारीपुर मार्ग पर होने की सूचना मिली। इस पर कालपी, उरई और कदौरा पुलिस के साथ स्वाट टीम ने घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। विवेचक सीओ राजेश कमल के अनुसार, हत्याकांड में मोनू की अहम भूमिका थी। आरोपी के पास से एक तमंचा, कारतूस, एक बाइक व एक मोबाइल बरामद हुआ है। आरोपी के खिलाफ पहले से ही पांच मामले दर्ज हैं।
मध्यस्थता कराने वाला अजय अभी फरार
सुपारी के सौदे में मध्यस्थता कराने वाला अजय यादव अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। वह गिरफ्तार आरोपी मोनू यादव का पिता है। पुलिस के अनुसार, अजय ने ठेकेदार इंद्रजीत यादव और सुपारी किलर के बीच सौदा कराने में भूमिका निभाई थी। सीओ राजेश कमल का कहना है कि उसकी तलाश की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
जांच में दूसरे लोगों की भूमिका भी खंगालेगी पुलिस
पुलिस की जांच अभी पांच आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। विवेचक के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों के संपर्क में रहने वाले लोगों की भूमिका भी जांची जाएगी। इसके लिए उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। बातचीत और अन्य साक्ष्यों में किसी दूसरे व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अपहरण में इस्तेमाल कार के मालिक का खुलासा नहीं
पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अपहरण में इस्तेमाल कार किसकी थी, इसका अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि केशव कटियार कार चला रहा था। हालांकि वाहन किसके नाम पंजीकृत है और उसके मालिक की क्या भूमिका थी, इस बारे में पुलिस ने अभी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। ऐसे में वाहन के मालिक और उसकी भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
गिरफ्तारी के बाद भी अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, सात नवंबर तक काम बंद
मुख्य आरोपी मोनू की गिरफ्तारी के बाद भी अधिवक्ताओं का आक्रोश कम नहीं हुआ है। बुधवार को तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने पूर्व अध्यक्ष अमर सिंह निषाद की अगुवाई में प्रदर्शन कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने हत्याकांड में शामिल सभी लोगों की गिरफ्तारी और उन लोगों को भी सामने लाने की मांग की, जिनसे दिवंगत अध्यक्ष ने जान का खतरा जताया था।
अधिवक्ताओं ने सात नवंबर तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का एलान किया है। पूर्व अध्यक्ष रामकुमार तिवारी ने कहा कि पुलिस ने घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की तो अधिवक्ता आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
जिला बार संघ ने एसपी से मिलकर रखीं चार मांगें
उधर, जिला बार संघ के अध्यक्ष ऋषि कुमार पटेल और वरिष्ठ अधिवक्ता शिवेश सेंगर सहित अन्य अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी पर पुलिस का आभार जताते हुए आगे निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
अधिवक्ताओं ने प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए विवेचना सीओ कालपी से हटाकर किसी अन्य योग्य अधिकारी को सौंपने, पीड़ित परिवार के घर पर तत्काल दो पुलिसकर्मियों की तैनाती करने, आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) सहित कठोर वैधानिक कार्रवाई करने तथा पूर्व में दिए गए आश्वासनों को जल्द पूरा कराने की मांग की। एसपी ने सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जाटव समाज विकास महासभा ने की अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू करने की मांग
अधिवक्ता गयादीन अहिरवार की हत्या पर जाटव समाज विकास महासभा ने शोकसभा आयोजित कर श्रद्धांजलि दी। पूर्व जिला बार संघ प्रत्याशी एवं प्रदेश जाटव महासभा संचालक विशंभर दयाल जाटव की अध्यक्षता में हुई सभा का संचालन प्रदेश महासचिव जगदेव प्रसाद ने किया। प्रांतीय अध्यक्ष रामशरण जाटव ने घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री से प्रदेश में अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की। साथ ही पीड़ित परिवार को सुरक्षा और अधिकतम आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग उठाई। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत अधिवक्ता को श्रद्धांजलि दी।

फोटो – 27 कालपी बार संघ अध्यक्ष गयादीन अनुरागी की फाइल फोटो।– फोटो : Samvad

फोटो – 27 कालपी बार संघ अध्यक्ष गयादीन अनुरागी की फाइल फोटो।– फोटो : Samvad

फोटो – 27 कालपी बार संघ अध्यक्ष गयादीन अनुरागी की फाइल फोटो।– फोटो : Samvad

फोटो – 27 कालपी बार संघ अध्यक्ष गयादीन अनुरागी की फाइल फोटो।– फोटो : Samvad
