उरई। महाराष्ट्र की सांगली जेल में हुई मुलाकात के बाद संतोष गावली और हेमंत कुशवाहा ने जेल से बाहर आकर नशे के कारोबार की योजना बनाई। इसके लिए जालौन के डकोर क्षेत्र स्थित ऐरी रमपुरा गांव को ठिकाना चुना गया। यहां गुलाब जल बनाने की फैक्टरी की आड़ में एमडी ड्रग्स तैयार की जा रही थी। जांच एजेंसियों के इनपुट के मुताबिक, आरोपियों को दो महीने और मिल जाते तो जिले में करोड़ों रुपये के कारोबार का नेटवर्क खड़ा हो सकता था।

हेमंत ने अपने पुराने परिचित शैलेंद्र सिंह पाल को साथ जोड़कर उसके खेत में फैक्टरी स्थापित की। बाहर से सामान्य इकाई दिखने वाली फैक्टरी में मशीनें और रसायन जुटाए गए। जांच में मुंबई से कच्चे माल और तैयार नशे की सप्लाई के संपर्क भी सामने आए हैं। करीब दस लोगों की टीम के जरिए कारोबार को विस्तार देने की तैयारी थी।

29 अक्तूबर को डीआरआई और एटीएस की कार्रवाई में करीब 12.5 किलोग्राम एमडी ड्रग्स और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद हुई। संतोष और हेमंत गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं, जबकि शैलेंद्र की तलाश जारी है। फैक्टरी के खुलासे के बाद स्थानीय पुलिस की निगरानी पर भी सवाल उठे। लापरवाही के आरोप में हल्का प्रभारी और दो सिपाहियों को निलंबित किया गया।

अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि तैयार नशे की कितनी खेप बाहर भेजी गई, मुंबई में खरीदार कौन थे और जिले में इस नेटवर्क से कौन-कौन जुड़ने वाला था।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *