Licenses of six fertilizer dealers suspended

फोटो – 22 खाद की दुकान पर जांच पड़ताल करते जिला कृषि अधिकारी। संवाद
– फोटो : Samvad

उरई। खाद की कालाबाजारी और वितरण में अनियमितताओं को रोकने के लिए कृषि विभाग ने खाद विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को जिला कृषि अधिकारी डॉ. गगनदीप सिंह ने जालौन क्षेत्र में खाद एवं बीज की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न अनियमितताएं मिलने पर छह दुकानदारों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।


निरीक्षण के दौरान दुकानों पर स्टॉक और बिक्री रजिस्टर अधूरे मिले। वहीं, कुछ दुकानों की पीओएस मशीन में खाद का स्टॉक दर्ज था, लेकिन गोदाम में भौतिक सत्यापन के दौरान उतनी खाद नहीं मिली। इसके अलावा कुछ दुकानदारों द्वारा रियल टाइम एक्नॉलेजमेंट नहीं किया जा रहा था। किसानों को खाद के साथ जबरन जिंक, सल्फर और सूक्ष्म पोषक तत्व देने तथा प्रतिष्ठान बंद कर चले जाने जैसी अनियमितताएं भी सामने आईं।

जिन दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, उनमें इफ्को किसान सेवा केंद्र लौवना, वंदना ट्रेडर्स जालौन, इफ्को किसान सेवा केंद्र जालौन, मंसूरी खाद भंडार, किसान खाद भंडार और आयांश ट्रेडर्स शामिल हैं। जिला कृषि अधिकारी ने सभी विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि खाद की बिक्री अनिवार्य रूप से पीओएस मशीन के माध्यम से करें। स्टॉक और बिक्री रजिस्टर प्रतिदिन अपडेट रखें तथा दुकानों पर स्टॉक और रेट बोर्ड भी पूरा रखें। निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचने या नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि डीएपी की 50 किलोग्राम बोरी का निर्धारित मूल्य 1350 रुपये और यूरिया की 45 किलोग्राम बोरी का मूल्य 266.50 रुपये है। खाद खरीदने के लिए किसानों को आधार कार्ड और खतौनी दिखानी होगी। साथ ही फॉर्मर आईडी बनवाना भी अनिवार्य है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार गेहूं और जौ की फसल के लिए प्रति हेक्टेयर छह बोरी यूरिया और तीन बोरी डीएपी की संस्तुति की गई है। वहीं, चना, मटर और मसूर की फसल के लिए एक बोरी यूरिया और तीन बोरी डीएपी पर्याप्त बताई गई है।



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