The SDM asked the children, "Do you want to study?" They replied, "Yes."

फोटो – 28 बच्चों से बातचीत करते एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही। संवाद

उरई। राठ रोड पर डेरा डालकर रह रहे परिवारों के बच्चे भीख मांगते मिले तो एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही ने उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की। उन्होंने बच्चों को अपनी कन्फेक्शनरी की दुकान पर ले जाकर चॉकलेट, बिस्किट और चिप्स दिलाए। इसके बाद बच्चों से पूछा कि पढ़ना चाहते हो? इस पर सभी ने एक स्वर में हां कहा। किसी ने पुलिसकर्मी तो किसी ने जज बनने का सपना बताया।


बच्चों की इच्छा जानने के बाद एसडीएम उनके परिवारों के डेरे पर पहुंचे। वहां कुछ महिलाएं खाना बना रही थीं। उन्होंने सभी को एकत्र कर बच्चों की शिक्षा के महत्व को समझाया। कहा कि बच्चों का बचपन भीख मांगने में नहीं, बल्कि स्कूल में किताबों और कलम के साथ बीतना चाहिए। शिक्षा ही वह रास्ता है, जिससे बच्चे अपना और परिवार का भविष्य संवार सकते हैं।

एसडीएम ने अभिभावकों से बच्चों को साफ-सुथरे ढंग से नियमित स्कूल भेजने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बच्चों की पढ़ाई और उससे जुड़े जरूरी खर्च की जिम्मेदारी उनकी होगी। स्कूल भेजने वाले परिवारों को 500 रुपये की सहायता देने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में किसी तरह की आर्थिक परेशानी आड़े नहीं आने दी जाएगी।

एसडीएम ने बताया कि इस संबंध में बीएसए से बातचीत हो चुकी है। गुरुवार सुबह शिक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर बच्चों का नजदीकी विद्यालय में प्रवेश कराएगी। इसके अलावा कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं के लोग भी बच्चों को पढ़ाई में सहयोग करेंगे।



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