कोंच। धनुताल मैदान में संचालित आतिशबाजी की आठ दुकानों को बृहस्पतिवार को प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। निरीक्षण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासन की ओर से अस्थायी अनुमति जारी न होने की बात सामने आई। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सुरक्षा इंतजाम पूरे करने और वैध अनुमति मिलने के बाद ही दुकानें खोली जाएंगी।

बृहस्पतिवार दोपहर एसडीएम अनीता देवी, सीओ परमेश्वर प्रसाद, सीएफओ अरविंद कुमार सिंह और कोतवाली प्रभारी निग्वेंद्र प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ धनुताल मैदान पहुंचे। अधिकारियों ने एक-एक कर सभी आठ दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान दुकानों के बाहर ग्राहकों और दुकानों के बीच सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग नहीं मिली। इस पर एसडीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि दुकानदारों को पहले ही पर्याप्त दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया।

निरीक्षण में बिजली की लाइनें भी नीचे और बिना टेपिंग के मिलीं। झूलते तारों को देखकर अधिकारियों ने नाराजगी जताई और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। एक दुकान में रखे अग्निशमन सिलिंडर की जांच में वह सही पाया गया। इसके बाद अधिकारियों ने सभी दुकानों के लाइसेंस भी जांचे। रूबी प्रजापति के नाम से संचालित एक दुकान का लाइसेंस एक्सपायर मिला। दुकानदार ने बताया कि नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इस पर एसडीएम ने वैध लाइसेंस जारी होने के बाद ही दुकान खोलने के निर्देश दिए।

सुरक्षा इंतजाम अधूरे होने और अस्थायी अनुमति जारी न होने के आधार पर अधिकारियों ने सभी आठ दुकानों को बंद करा दिया। कार्रवाई के बाद दुकानदार बैरिकेडिंग लगाने और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने में जुट गए।

निरीक्षण के बाद भी कैसे चलती रहीं दुकानें

धनुताल मैदान में आतिशबाजी की दुकानें करीब 15 दिनों से संचालित हो रही थीं। इस दौरान अधिकारियों ने कई बार निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों को पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अस्थायी अनुमति जारी न होने की कमी पहले निरीक्षणों में सामने क्यों नहीं आई? यदि दुकानें बिना अनुमति संचालित हो रही थीं तो पहले ही कार्रवाई क्यों नहीं की गई? त्योहार से ठीक पहले सभी दुकानों को बंद कराने से प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।



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