
मानदेय का इंतजार कर रहे हैं शिक्षामित्र।
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मानदेय का इंतजार कर रहे हैं शिक्षामित्र।
प्रदेश के लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों को दीपावली पर्व फीका रहने का डर है। भुगतान की नई प्रशासनिक प्रणाली के पेंच और सुस्त रफ्तार के कारण प्रदेश के कई जिलों में दीपावली से पहले शिक्षामित्रों को मानदेय का भुगतान मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। इसे लेकर शिक्षामित्र काफी चिंतित हैं।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश संगठन मंत्री कौशल कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व में शिक्षामित्रों का मानदेय भुगतान पीएफएमएस पोर्टल से किया जाता था। इसमें बीएसए कार्यालय से बिल बैंक में पहुंचने के बाद 24 घंटे में मानदेय शिक्षकों के खातों में पहुंच जाता था। लेकिन सितंबर से लागू नई भुगतान प्रणाली ‘एसएनए स्पर्श’ शुरू होने से प्रक्रिया काफी जटिल और लंबी हो गई है।
इसके तहत ट्रेजरी से टोकन मिलने के बाद भुगतान में अब 10 से 15 दिन तक का समय लग रहा है। इससे इस बार समय पर मानदेय मिल पाना मुश्किल दिख रहा है। उन्होंने कहा कि दीपावली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर भी मानदेय न मिलने से उन परिवारों पर क्या बीतेगी, जिनकी आजीविका का एकमात्र साधन यही मानदेय है। समय पर वेतन-मानदेय न मिलने से बच्चों की खुशियों और त्योहार की तैयारियों पर पानी फेर दिया है। उन्होंने मांग की है कि इस समस्या का तत्काल संज्ञान लिया जाए। ताकि शिक्षामित्रों व उनके परिजनों की दीपावली अच्छे से मन सके।