झांसी। मऊरानीपुर बस स्टैंड पर अमृतसर के सराफा कारोबारी गुरकीरत सिंह के 5.46 करोड़ रुपये के जेवर और नकदी चोरी मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र के गैंग का भंडाफोड़ किया है। यह गैंग बाप-बेटे ने बना रखा था। गिरोह बड़ी चोरियों की घटनाओं को अंजाम देता था।
पुलिस ने बेटे को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया, जबकि पिता समेत पांच आरोपियों को अभी तलाश रही है। हालांकि, करोड़ों रुपये के जेवरात चोरी मामले में पुलिस महज 1.40 लाख रुपये ही बरामद कर सकी।
शुक्रवार को घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी विकास कुमार ने बताया कि घटना के बाद सीसीटीवी खंगालने पर सफेद रंग की स्काॅर्पियो कार का पता चला। टोल प्लाजा को खंगालने पर जिस नंबर से फास्ट टैग रिचार्ज कराया, वह महाराष्ट्र का निकला। सुराग मिलने पर पुलिस ने महाराष्ट्र के महालंगी गांव निवासी अमोल मारुती पिटेकर (29) को पकड़ा। उसने पूछताछ में बताया पिता मारुति राजाराम के साथ गैंग बनाकर वे लोग चोरी की बड़ी घटनाओं को अंजाम देते हैं।
रेकी करते हुए जबलपुर से पीछे लगे थे आरोपी
आरोपी 28 अक्तूबर को जबलपुर के रास्ते छतरपुर पहुंचे। यहां गुरकीरत को देखकर उसकी रेकी करने लगे। रेकी करते हुए उसके पीछे मऊरानीपुर आ गए। मौका मिलने पर वारदात करके वे लोग छतरपुर के रास्ते ही महाराष्ट्र भाग निकले। रास्ते में सबसे पहले कार की नंबर प्लेट उखाड़ दी। पुलिस उसका ट्रांजिट रिमांड बनाकर झांसी लेकर आई। पूछताछ में अमोल ने पुलिस को बताया कि पिता मारुति राजाराम वारदात के समय गूगल मैप की मदद से रास्ता बता रहा था। वारदात के बाद 29 अक्तूबर को 3.50 लाख एवं 30 अक्तूबर को महाराष्ट्र ग्रामीण बैंक में 15 लाख रुपये जमा करा दिए। पुलिस ने 1.40 लाख रुपये नकद बरामद करने के साथ ही खाते में मिले 17.06 लाख रुपये फ्रीज करा दिए। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक मुकेश सोलंकी, स्वॉट प्रभारी विनय दिवाकर, कुलदीप पवार, रवि भदौरिया, अतीक, नवीन समेत अन्य शामिल रहे।
