टहरौली। तहसील सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी गौरांग राठी ने संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में संपूर्ण समाधान दिवस और आईजीआरएस पोर्टल शामिल हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रतिदिन आईजीआरएस पोर्टल की शिकायतों की समीक्षा करने को कहा। यदि निस्तारण रिपोर्ट गुणवत्तापूर्ण न हो तो अधिकारी स्वयं मौके पर जांच करें। शिकायतों का निस्तारण मानवीय दृष्टिकोण से होना चाहिए। शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही निस्तारण की गुणवत्ता का प्रमुख आधार है। इस दौरान विभिन्न विभागों की निस्तारित शिकायतों का फीडबैक भी लिया गया। जिलाधिकारी ने निजी और सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने लेखपालों को गलत तरीके से कब्जा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
बार-बार पैमाइश के बाद पत्थरगड्डी उखाड़ने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। धारा-67 के लंबित वादों के निस्तारण के लिए अभियान चलाने को कहा गया। भूमि विवादों के समाधान हेतु धारा-24, 151 और 447 में कार्रवाई के निर्देश दिए। विवाद की स्थिति में धारा-145 तथा पुलिस को धारा-107/16 के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
समाधान दिवस में किसान नेता काशीराम राजपूत ने आपदा राहत राशि बढ़ाने की मांग की। उन्होंने किसानों को खाद-बीज उपलब्ध कराने और फसल बीमा की धनराशि जल्द भेजने को कहा। श्यामसुंदर तिवारी और आशीष प्रताप सिंह ने सिंचाई के लिए पानी न मिलने से रबी फसलों की बोआई प्रभावित होने की शिकायत की। रामजीवन तिवारी और प्रमोद सहित अन्य किसानों ने खरीफ फसल क्षतिपूर्ति वितरण में भेदभाव का आरोप लगाया। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य, बैंक और आईसीडीएस विभाग के स्टॉलों का निरीक्षण किया, जहां सीडीपीओ स्नेहा गुप्ता ने पोषण संबंधी जानकारी दी।
इस मौके पर सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी, एसडीएम आशीष कुमार सिंह, एसडीओ वन संतोष कुमार, एमओआईसी डॉ. ओपी राठौर, सीओ रक्षपाल सिंह, तहसीलदार गोवर्धन कुमार शुक्ल, प्रभारी निरीक्षक सरिता मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
