UP: High Court strict on the issue of ban on quack doctors and illegal clinics, seeks reply from Central and S

हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ।

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 हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने प्रदेश में झोलाछाप डाक्टरों व अवैध क्लीनिकों पर रोक के मामले में सख्त रुख अपनाया है। लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े इस अहम मामले में कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। मामले में अयोग्य चिकत्सकों समेत बड़ी तादात में बिना लाइसेंस चलने वाली क्लीनिकों के खिलाफ सख्त कारवाई किए जाने की मांग की गई है।


न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने यह आदेश तुलसा देवी सेवा संस्थान की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर दिया। याचिका में ऐसे अवैध डाक्टरों व क्लीनिकों के खिलाफ कारवाई करने समेत लोगों के स्वास्थ्य के अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में मंजूरी दिए जाने का आग्रह किया गया है। साथ ही इनसे लोगों की हिफाजत करने की भी मांग की गई है। याची संस्थान की ओर से कहा गया कि मौजूदा समय में हर जगह अयोग्य झोला छाप डाक्टर और बगैर लाइसेंस की क्लीनिकों की बाढ़ आ गई है। 

इनपर रोकथाम के प्रभावी इंतजाम न होने से लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ रही है। ऐसे में लोगों की सुरक्षा के लिए कानूनी प्रावधानों के तहत इन अवैध डाक्टरों और क्लीनिकों की खिलाफ सख्त कारवाई की जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील समेत राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के वकील भी पेश हुए। कोर्ट ने मामले में केंद्र और राज्य सरकार समेत अन्य पक्षकारों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने इस याचिका को समान मामले में लंबित अन्य जनहित याचिका के साथ संबद्ध कर पेश करने का भी निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 10 दिसंबर को होगी।



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