झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के सीवी रमन हॉस्टल में नए बैच के छात्रों की रैगिंग के मामले में कॉलेज प्रशासन को शुरुआती जांच में कई अहम जानकारियां मिली हैं। कुछ छात्रों ने रात में जगाकर गाने-चुटकुले सुनाने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने की बात बताई है। हालांकि, उन्होंने शारीरिक प्रताड़ना से इन्कार किया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने शिकायत के साथ मिले ऑडियो की फोरेंसिक जांच कराने का फैसला लिया है। इसके लिए जिलाधिकारी के माध्यम से पत्र भेजा गया है, ताकि अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वालों की पहचान हो सके।

बताते चलें कि पिछले दिनों मेडिकल कॉलेज के सीवी रमन हॉस्टल में 2026 बैच के छात्रों की रैगिंग का मामला सामने आया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 2024 बैच के छात्र मध्यरात्रि दो से सुबह चार बजे तक जूनियर छात्रों का उत्पीड़न करते हैं। कमरों की बिजली काट दी जाती है और सीनियर जोर-जोर से दरवाजे पीटते हैं। जूनियर छात्रों को कमरे का दरवाजा बंद करने की अनुमति नहीं है। उन्हें बैडमिंटन कोर्ट में ले जाकर मुर्गा बनाया जाता है। इसके अलावा आपत्तिजनक हरकतें करने के लिए मजबूर करने और सवालों का तुरंत जवाब नहीं देने पर थप्पड़ मारने के भी आरोप लगाए गए हैं।

पहले शिकायत से किया था इन्कार, अब जांच शुरू

शुरुआत में कॉलेज प्राचार्य ने शिकायत नहीं मिलने की बात कही थी। हालांकि, शुक्रवार को ईमेल के माध्यम से नेशनल एंटी रैगिंग सेल से शिकायत और चार ऑडियो क्लिप मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन हरकत में आया। प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार ने मामले की कई स्तरों पर जांच शुरू करा दी है। रैगिंग में शामिल छात्रों की पहचान के लिए ऑडियो की फोरेंसिक जांच कराने का निर्णय लिया गया है।

कॉलेज सूत्रों के अनुसार, 2026 बैच के इक्का-दुक्का छात्रों को छोड़कर बाकी त्योहार की छुट्टियों में घर चले गए हैं। इस दौरान शहर में रुके छात्रों से प्राचार्य और एंटी रैगिंग सेल ने पूछताछ की। शुरुआती पूछताछ में छात्रों ने शारीरिक प्रताड़ना से इन्कार किया, लेकिन रात में जगाकर गाने-चुटकुले सुनाने और अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी दी। अब ऑडियो की जांच के जरिये अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वालों की पहचान करने की कोशिश की जाएगी।

डीएम के माध्यम से होगी ऑडियो की जांच

प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि ईमेल पर मिली शिकायत के साथ ऑडियो भी प्राप्त हुए हैं। इनकी फोरेंसिक जांच कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है। जांच के माध्यम से ऑडियो में इस्तेमाल की गई आवाज की पहचान करने में मदद मिलेगी।

छात्रों के लौटने पर होगी विस्तृत जांच

त्योहार की छुट्टियों के चलते 2026 बैच के अधिकांश छात्र घर चले गए हैं। फिलहाल, प्राचार्य ने व्हाट्सएप ग्रुप पर संदेश भेजकर छात्रों से रैगिंग के संबंध में जानकारी मांगी है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि छुट्टियों के बाद सभी छात्रों से अलग-अलग पूछताछ की जाएगी। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वर्जन

सीवी रमन हॉस्टल में रैगिंग की शिकायत मिली है। इसकी जांच शुरू कर दी गई है। कुछ छात्रों से रात में जगाने और गाने-चुटकुले सुनाने की जानकारी मिली है। इन छात्रों ने शारीरिक प्रताड़ना से इन्कार किया है। ऑडियो की जिलाधिकारी के माध्यम से फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। शिकायत गंभीर है। जांच में दोषियों की पहचान होने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

– डॉ. सुधीर कुमार, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज



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