संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 21 Aug 2024 03:06 AM IST

कटरा (श्रावस्ती)। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती मंगलवार को थाईलैंड व श्रीलंका से आए बौद्ध अनुयायियों से गुलजार रही। अनुयायियों ने गंधकुटी पर विशेष वर्षावास पूजन किया।
इस दौरान भिक्षु दीपा लोक महाथेरो ने कहा कि श्रावस्ती बौद्ध धर्म के सबसे पूजनीय स्थलों में से एक है। भगवान बुद्ध ने इसी स्थल पर उपदेश देकर कई शिष्य भी बनाए। प्राचीन श्रावस्ती का उल्लेख सभी प्रमुख भारतीय धर्मों के साहित्य में भी मौजूद है। श्रावस्ती का उल्लेख उन ऐतिहासिक अभिलेखों में भी मिलता है, जिन्हें चीनी तीर्थ यात्रियों द्वारा भारत में छोड़ा गया था। बौद्ध परंपरा के अनुसार श्रावस्ती प्राचीन भारत के विकसित शहरों में से एक था। यह कौशल साम्राज्य की राजधानी भी हुआ करती थी। श्रावस्ती शहर अचिरावती नदी के तट पर स्थित था जो वर्तमान में राप्ती नदी के नाम से प्रसिद्ध है। इस नदी के कारण यहां का कृषि क्षेत्र काफी समृद्ध था, जिसकी वजह से शहर को काफी सुंदर रूप मिला। इस दौरान अनुयायियों ने तपोस्थली का भ्रमण भी किया।
