उरई। जिले को चंदन की खुशबू से कैसे महकाया जाए और इसकी खेती की विधियां जानने के लिए जिले के छह किसान बंगलुरू में प्रशिक्षण लेने गए थे। लौटने के बाद मंगलवार को उन्होंने डीएम राजेश कुमार पांडेय से मुलाकात की और प्रशिक्षण के बारे में जानकारियां साझा की।
जिले में चंदन की खेती कर रहे छह किसान दो दिवसीय प्रशिक्षण लेने के लिए बंगलुरू स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ वुड साइंस एंड टेक्नोलॉजी पहुंचे थे, जहां उन्होंने खेती करने की बारीकियों के बारे में जानकारी ली। 21 सितंबर को प्रगतिशील किसान लक्ष्मीनारायण चतुर्वेदी के नेतृत्व में किसान चंदन की पौध तैयार करने, रखरखाव और उपयोग सीखने के लिए बंगलुरू गए थे। लौटने के बाद मंगलवार को उन्होंने डीएम राजेश कुमार पांडेय से मुलाकात की।
उन्होंने प्रशिक्षण में दी जाने वाली जानकारियां डीएम से साझा कीं। डीएम ने कहा कि जिले में अलग तरह की खेती अगर कोई किसान करता है तो वह हर तरीके से मदद को तैयार हैं। प्रगतिशील किसान लक्ष्मीनारायण चतुर्वेदी ने बताया कि उनका लक्ष्य लगभग एक लाख पौधे लगाने का है। एक पौधा 15 साल में तैयार होता है। प्रशिक्षण से लौटे किसान शिवशंकर चतुर्वेदी कुकरगांव, रोहिताश्व पुरोहित जरा, हिमांशु पटेल शालाबाद, नयनराज तिवारी भिटारा, हेमंत निस्वा आदि मौजूद रहे। ज
