बबुआ जब मुख्यमंत्री बने, जो बारह बजे सो कर उठते थे और दो बजे तैयार होकर अपना दरबार लगाते थे। तब हर जनपद और थाने में भू माफिया व सैंड माफिया लगे रहते थे। जिसने जिले को बदहाल कर उत्तर प्रदेश को बीमार व श्रावस्ती को बदहाल कर दिया। श्रावस्ती 100 पिछड़े जनपदों में एक था। हमारी डबल इंजन की सरकार बनने के बाद देश के 500 आकांक्षी विकासखंड़ो में श्रावस्ती का विकासखंड नंबर एक पर है और अब यही श्रावस्ती पहचान है। पहले सैफई सिंडिकेट की पर्ची चलती थी, तब नौकरी मिलती थी। हमने इस पर विराम लगाया और नौ लाख युवाओं को नौकरी दी, वो भी बिना किसी वसूली के। उक्त बातें इकौना तहसील के सीताद्वार मंदिर परिसर में आयोजित शिलान्यास व लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर 3:35 पर सीताद्वार मंदिर के पास बनाए गए हेलीपैड पर उतरा। उन्होंने सीताद्वार मंदिर में मां सीता व लवकुश मंदिर में उनके दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने श्रावस्ती एवं भिनगा विधान सभा के क्षेत्रों में 396 करोड़ की 83 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्याय किया। जिसमें 176 करोड़ की 42 परियोजनाओं का लोकार्पण और 220 करोड़ की 41 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल रहा।

अपने संबोधन की शुरुआत सीएम ने भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जयकारा लगाकर की। उन्होंने कहा कि माता जानकी और उनके पुत्र लव के द्वारा बसाई गई श्रावस्ती की पावन धारा में भगवान बुद्ध ने चौबीस वर्षावास व्यतीत किए। बौद्ध धर्म के साथ-साथ जैन धर्म के र्तीर्थांकर भगवान संभवनाथ ने भी जन्म लिया। यहीं पर महाराज सुहेलदेव ने विदेशी आक्रांता सालार मसूद गाजी को धूल चटाया। प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता, समृद्ध रामायण कालीन, बौद्ध व जैन धर्म की विरासत होने के बावजूद जो श्रावस्ती पूर्व की सरकारों में उपेक्षित रही। 70 वर्षों से यहां रेल लाइन नहीं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चलते रेल लाइन से जुड़ने को तैयार है। वायु कनेक्टिविटी श्रावस्ती में अयोध्या के जैसी होगी और फोरलेन मार्ग कनेक्टिविटी बढ़ाने का भी काम चल रहा है।

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पूर्व की सरकारों को गाजी मियां का मेला पसंद था

कांग्रेस व सपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरानी सरकारों को महाराजा सुहेल देव की परंपरा के बजाए विदेशी आक्रांता सालार मसूद गाजी के नाम पर मेला लगाना प्रारंभ किया। हमारी सरकार आई तो हमने कहा, कि विदेशी आकांता के नाम पर कोई मेला नहीं लगेगा। कोई आयोजन नहीं होगा और जो आयोजन करेगा, उसके खिलाफ हम कार्रवाई करेंगे। स्वाधीन भारत में विदेशी आक्रांताओं का सम्मान नहीं हो सकता है। कांग्रेस व समाजवादी के लोग हैं, इन्हें भगवान बुद्ध अच्छे नहीं लगते हैं। भगवान संभवनाथ व जैन तीर्थांकरों की परंपराएं अच्छी नहीं लगती। इन्हें महाराजा सुहेलदेव की परंपरा अच्छी नहीं लगती, इन्हें तो गाजी मियां का मेला लगवाना था और वो वही कार्य करते थे। इसीलिए इनकी दुर्गति भी हो गई।



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