अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। झांसी-ललितपुर रेल सेक्शन पर शुक्रवार को स्वदेशी मानक कवच प्रणाली स्थापित की गई। इस प्रणाली से 90 किलोमीटर की दूरी को पूरी तरह लैस कर दिया गया है। इससे पटरियों पर दौड़ने वाली ट्रेनें आपस में टकराएंगी नहीं। साथ ही, निर्धारित दूरी पर पहिए स्वतः रुक जाएंगे।

डीआरएम अनिरुद्ध कुमार बताया ने यह रेल यात्रियों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने में अहम है। झांसी मंडल में मानक कवच प्रणाली की यह तीसरी कमीशनिंग है। मानक कवच प्रणाली कई महत्वपूर्ण सुरक्षा लाभ प्रदान करती है। यह ट्रेनों को सामने से होने वाली टक्करों से बचाती है। पीछे से होने वाली टक्करों को रोकने में भी अत्यंत प्रभावी है। इसके अतिरिक्त, यह रोल-अवे जैसी खतरनाक स्थितियों से भी सुरक्षा करती है। यह प्रणाली ट्रेनों को स्टैंडस्टिल सुरक्षा प्रदान करती है।

डीआरएम ने बताया कि 90 किमी. के रेल मार्ग पर 1437 आरएफआईडी टैग लगाए गए हैं। ये रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टैग के रूप में कार्य करते हैं। कवच प्रणाली के लिए ये टैग अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करते हैं। यह लोको पायलट को जरूरी सुरक्षा सहायता प्रदान करने में सक्षम है। इसके अलावा, यह विभिन्न परिस्थितियों में ट्रेन की गति को प्रभावी ढंग से नियंत्रित भी करती है।

इस कमीशनिंग में एडीआरएम इन्फ्रा प्रेमप्रकाश शर्मा, एडीआरएम नंदीश शुक्ला, वरिष्ठ मंडल प्रबंधक परिचालन अतुल यादव, वरिष्ठ मंडल अभियंता आशुतोष चौरसिया, वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता रश्मि गौतम आदि की टीम ने अहम योगदान दिया।



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