झांसी। हरदोई पुलिस शनिवार शाम 33 साल पुराने लूट के मामले में जमानत पर बाहर आए प्रदीप शुक्ला उर्फ काली सरकार को पकड़ने मऊरानीपुर के कुरैचा गांव स्थित उसके आश्रम पहुंची। पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी काली सरकार अपने आश्रम की दीवार फांदकर भाग निकला। पुलिस को आश्रम में कोई नहीं मिला और उसका मोबाइल फोन भी बंद था।

पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। कुरैंचा गांव से पुलिस ने उसके जमानतदार शिवेंद्र को पकड़ा। पूछताछ के लिए थाने लाते समय शिवेंद्र पुलिस वाहन से कूद गया। इससे उसके पैर की हड्डी टूट गई और उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। घायल शिवेंद्र ने पुलिस पर जानबूझकर हमला करने का आरोप लगाया है। सीओ मऊरानीपुर रत्नेश्वर सिंह ने बताया कि प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज को हरदोई पुलिस ने 10 अक्तूबर को कुरैंचा स्थित आश्रम से पहले भी पकड़ा था। तब पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण न्यायालय ने उसे जाने दिया था। रिकॉर्ड दुरुस्त होने के बाद हरदोई पुलिस उसे दोबारा गिरफ्तार करने आई थी।

आपराधिक इतिहास

प्रदीप शुक्ला मूल रूप से हरदोई के चौहान थोक का निवासी है। पुलिस रिकॉर्ड में वह नटरोज के नाम से हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ वर्ष 1993 में लूट का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में वर्ष 2014 में आरोप पत्र दाखिल हुआ था। अदालत में पेश न होने पर उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था।

पहचान बदलकर रह रहा था

पुलिस से बचने के लिए उसने झांसी में अपनी पहचान बदल ली थी। वह सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार के नाम से रह रहा था। मऊरानीपुर थाने में भी प्रदीप शुक्ला के खिलाफ हाल ही में किशोर से दुष्कर्म के आरोप में मामला दर्ज हुआ था। पुलिस अब उसकी तलाश में जुटी है।



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