3.68 करोड़ रुपये से सुधरेंगे संपर्क मार्ग, चार लघु सेतुओं की सुरक्षा के लिए भी बजट स्वीकृत
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई/कालपी। विधानसभा क्षेत्र की जर्जर सड़कों से परेशान ग्रामीणों और राहगीरों के लिए राहत भरी खबर है। क्षेत्र की 44 सड़कों के विशेष मरम्मतीकरण और अनुरक्षण के लिए शासन ने करीब 3.68 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इसमें निर्माण खंड-3 के 30 मार्गों पर 2.55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं प्रांतीय खंड के मार्गों के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके अलावा चार लघु सेतुओं की सुरक्षा और मरम्मत के कार्य भी कराए जाएंगे।
क्षेत्रीय विधायक विनोद चतुर्वेदी के अनुसार लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने सड़कों और पुलियों के अनुरक्षण व विशेष मरम्मत कार्यों को मंजूरी दी है। स्वीकृत मार्गों में मरगायां से नाका, सिम्हारा शेखपुरा से सिकरी, उमराही से शहजादपुरा व रियाजनगर, सुनेहटा, उमराही से अटा खुर्द होते हुए परा, मंगरौल से पड़री, कालपी-मदारीपुर मार्ग से गढ़गुआ होते हुए प्रतापपुरा का डेरा, देवीपुरा, कुठौंद मार्ग से कैथवा-करतलापुर और दौलतपुर से पारेन संपर्क मार्ग शामिल हैं।
इसके अलावा मिहौना, सिरसा कलार-भदरेखी-टिकरी मुस्तकिल, पिथऊपुर, इंगुई, इमिलिया बुजुर्ग, रिछारा, कुटरा, लमसर गुलौली से बगिया, जीतामऊ से मानपुर, उरकरा खुर्द से रिनियां, उरकरा कला, महोली-सैदपुर-शहबाजपुर-कुरेपुरा, बरी का पुरवा, तोलकपुर से बिजुआपुर और नकेलपुरा से भोजापुर सहित अन्य संपर्क मार्गों की मरम्मत कराई जाएगी। शहजादपुरा, लोहई और उमरी मुस्तकिल संपर्क मार्गों के विशेष मरम्मतीकरण के लिए भी धनराशि निर्धारित की गई है।
चार लघु सेतुओं की सुरक्षा के भी होंगे काम
विधानसभा क्षेत्र के चार लघु सेतुओं की सुरक्षा के लिए भी बजट स्वीकृत हुआ है। इनमें कालपी-मंगरौल मार्ग पर जोधर नाला पुल की सुरक्षा दीवार, बाबई-दमरास मार्ग पर लघु सेतु की मरम्मत, बाबई-सिरसा मार्ग पर पुलिया की सुरक्षा दीवार और राठ-कालपी मार्ग पर परासन के पास कार्य कराया जाएगा। कालपी-मदारीपुर से उरकरा कला संपर्क मार्ग पर ह्यूम पाइप पुलिया की विशेष मरम्मत भी प्रस्तावित है।
अब काम शुरू होने का इंतजार
विभागीय आदेश के अनुसार सभी कार्य विशेष मरम्मत श्रेणी में स्वीकृत किए गए हैं। तकनीकी और वित्तीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होंगे। अब ग्रामीणों की निगाहें लोक निर्माण विभाग पर टिकी हैं। यदि निर्धारित मानकों के अनुसार समय से काम पूरे होते हैं तो क्षेत्र के लोगों को बदहाल संपर्क मार्गों से राहत मिल सकेगी।
