मोठ(झांसी)-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोंठ में ग्राम बुढेरा कला की वर्षा पत्नी राहुल और ग्राम बेलमा कला की जूली पत्नी संत सिंह की सिजेरियन डिलीवरी सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। यह विशेष अवसर न केवल इन माताओं के लिए, बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए भी एक महत्वपूर्ण घटना साबित हुआ। डॉक्टर माता प्रसाद राजपूत ने बताया कि उनके अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी की सेवाएं निशुल्क प्रदान की जाती हैं, जबकि प्राइवेट अस्पतालों में इसके लिए 40 से 50 हजार रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं।

स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचे वर्षा और जूली को उचित चिकित्सा देखभाल दी गई। दोनों माताएं अपने पहले बच्चे के जन्म की तैयारी में थीं। डॉक्टर राजपूत ने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि हर महिला को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जाएं। हमारी प्राथमिकता मातृत्व स्वास्थ्य को बढ़ावा देना और माताओं को सुरक्षित जन्म देने में सहायता करना है।”

वर्षा ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “मैं बहुत खुश हूं कि मैंने निशुल्क सिजेरियन डिलीवरी का अनुभव किया। मुझे इस प्रक्रिया के बारे में सभी जानकारी दी गई, और यहां का स्टाफ बहुत सहयोगी था।” उनके पति राहुल ने भी डाक्टरों और नर्सों की सराहना की, “उन्होंने हमें हर कदम पर मार्गदर्शन किया। यह एक कठिन समय था, लेकिन उन्होंने हमें हिम्मत दी।”

जूली ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “यह मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। मुझे यहां बहुत अच्छा समर्थन मिला। मैं प्राइवेट अस्पतालों की उच्च कीमतों के बारे में सुन चुकी थी, इसलिए यहां की निशुल्क सेवाएं मेरे लिए बहुत मददगार रहीं।” उनके पति संत सिंह ने कहा, “स्वास्थ्य केंद्र ने हमें बहुत राहत दी है। हम प्राइवेट अस्पतालों की फिजूलखर्ची से बच गए।”

डॉक्टर राजपूत ने इस सफलता के पीछे स्वास्थ्य केंद्र की टीम की मेहनत को बताया। “हमारे पास अनुभवी चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ हैं, जो हर मरीज की देखभाल करते हैं। हम यह सुनिश्चित करते हैं कि माताएं और नवजात शिशु दोनों सुरक्षित रहें।” उन्होंने यह भी बताया कि पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य केंद्र में सिजेरियन डिलीवरी की संख्या बढ़ी है, जो दर्शाता है कि लोग सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा कर रहे हैं।

स्थानीय पंचायत के मुखिया ने भी इस घटना की सराहना की। “यह हमारे गांव के लिए गर्व की बात है कि हमारे पास ऐसी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। हम स्वास्थ्य केंद्र के प्रयासों के लिए आभारी हैं।”

बीसीपीएम राजेश सिंह ने कहा कि इस सफलता ने साबित किया कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं। यह न केवल माताओं को आर्थिक राहत प्रदान करता है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और स्वस्थ मातृत्व अनुभव भी देता है। इस प्रकार की उपलब्धियों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ता है, और यह समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक कदम है।

आज की इस घटना ने एक बार फिर से साबित किया है कि सही दिशा में किए गए प्रयासों से समाज में बदलाव लाया जा सकता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोंठ ने एक महिना में चार सिजेरियन डिलीवरी करवाकर एक मिसाल कायम की है.

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