झांसी-नौसेना दिवस के उपलक्ष्य में आज सैनिक स्कूल झांसी के अध्यक्ष महोदय, मुख्य अतिथि ने भारतीय नौसेना विध्वंसक पोत विशाखापट्टनम के विशाल प्रारूप का अनावरण किया। संपूर्ण बुंदेलखंड में यह भारतीय नौसेना का दुर्लभ प्रतीक चिन्ह एक ऐतिहासिक कदम है। युद्ध पोत का यह कार्यशील प्रारूप छात्र, छात्राओं और इस क्षेत्र के युवक, युवतियों के लिए नौसेना प्रवेश हेतु प्रेरणा स्रोत का कार्य करेगा। बुंदेलखंड वासियों के लिए एक विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।
युद्धपोत का यह कार्यशील प्रारूप मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड, मुंबई द्वारा निर्मित है। इसे राष्ट्रीय सैनिक संस्था की बुंदेलखंड इकाई के वरिष्ठ संरक्षक कमोडोर विजय शंकर बबेले, विशिष्ट सेवा पदक (सेवानिवृत) तथा पूर्व र्नौसैनिकों द्वारा सैनिक स्कूल झांसी को भेंट किया गया।
राष्ट्रीय सैनिक संस्था के पूर्व सैनिकों के लिए आज का यह दिन ऐतिहासिक और सेवा निवृत्त जीवन का सर्वोत्तम क्षण था। विशिष्ट अतिथि कमोडोर बबेले ने सभी छात्र-छात्राओं को अपने विद्यार्थी जीवन मे प्रतिदिन सपने देखने और अपने लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया।
सैनिक स्कूल झांसी की प्राचार्या, समस्त स्टाफ, सैनिक स्कूल झांसी और सैनिक स्कूल चन्द्रपुर के समस्त कैडिटो की उपस्थिति ने समारोह में चार चांद लगाए।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सैनिक संस्था के बुंदेलखंड इकाई के अध्यक्ष कर्नल ए के निरंजन (सेवा निवृत्त), उपाध्यक्ष सिद्धांत दुबे पैटी ऑफिसर, कोषाध्यक्ष आनरेरी लेफ्टिनेंट लखन लाल शर्मा, सचिव राजेंद्र चतुर्वेदी पेटी ऑफिसर तथा अन्य सभी पदाधिकारी और पूर्व सैनिक भी उपस्थित थे।
