झांसी। प्रशासन ने शुक्रवार को प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) में शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न होने का दावा किया, लेकिन एक परीक्षा केंद्र पर नकल की कोशिश ने सुरक्षा जांच की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। प्रयागराज का एक अभ्यर्थी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (ब्लूटूथ) सेनेटरी पैड में छिपाकर अपने अंतःवस्त्रों में रखकर परीक्षा देने पहुंच गया।

60 जिलों में पीईटी आयोजित हुई। झांसी के साथ ही दोनों पालियों में एआई फेस रिकग्निशन व आधार सत्यापन में प्रदेश भर में 22 अभ्यर्थी संदिग्ध चिह्नित किए गए हैं। परीक्षा में इनकी जांच की जा रही है। आयोग के अनुसार इनके नाम, पता, शैक्षिक दस्तावेज आदि से जुड़े डाटा मिसमैच मिले हैं। शुक्रवार को 1,372 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई। दो पालियों में आयोजित परीक्षा में 11,80,434 लाख में से 7,87,964 यानी 66.75 फीसदी अभ्यर्थी उपस्थित हुए।

झांसी में नेशनल हाफिज सिद्दीकी इंटर कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र पर द्वितीय पाली में प्रवेश के दौरान हुई जांच में डिवाइस पकड़ में नहीं आई। परीक्षा कक्ष में सरसराहट की आवाज आने पर उसका राज खुला। तलाशी में डिवाइस बरामद होने के बाद उसे पकड़ लिया गया। आरोपी के खिलाफ नवाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

एसपी सिटी प्रीति सिंह के मुताबिक, अपराह्न तीन से शाम पांच बजे तक आयोजित परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक को एक अभ्यर्थी की ओर से सरसराहट जैसी आवाज सुनाई दी। आसपास के अभ्यर्थियों ने भी इस पर संदेह जताया। जांच करने पर उसके पास से सेनेटरी पैड में छिपाकर रखी गई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य वस्तुएं बरामद हुईं। पूछताछ में उसने अपना नाम आकाश पटेल निवासी प्रयागराज बताया। आरोप है कि वह डिवाइस के माध्यम से नकल करने की कोशिश कर रहा था। सूचना पर नवाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया।

सामान्य ज्ञान के सवालों में उलझे कई परीक्षार्थी, 10,811 ने छोड़ी परीक्षा

जिले के 37 केंद्रों पर दो पालियों में पीईटी आयोजित की गई। दोनों पालियों में कुल 31,392 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 20,581 परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 10,811 ने परीक्षा छोड़ दी। पहली पाली में 15,696 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 10,305 उपस्थित रहे और 5,391 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में 10,276 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 5,420 ने परीक्षा छोड़ दी।

डीएम ने किया परीक्षा केंद्र का निरीक्षण

डीएम गौरांग राठी ने बुंदेलखंड महाविद्यालय स्थित परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षार्थियों की बायोमीट्रिक उपस्थिति, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता और परीक्षा कक्षों की व्यवस्था देखी। प्राचार्य/केंद्र व्यवस्थापक, सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। इस दौरान एसपी सिटी प्रीति सिंह भी मौजूद रहीं। एडीएम प्रशासन संजय चावला ने बताया कि दोनों पालियों की परीक्षा शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि एक नवंबर को भी जिले के 37 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित होगी।

सामान्य ज्ञान के सवालों में लगा समय

परीक्षा देकर निकले रविशंकर ने बताया कि सामान्य ज्ञान के सवाल कठिन थे, जबकि बाकी प्रश्नपत्र आसान रहा। उन्होंने समय रहते सभी सवाल हल कर लिए। महेंद्र पाल के मुताबिक, सामान्य ज्ञान के प्रश्नों को हल करने में ही अधिक समय लगा। बाकी सवाल आसानी से हल हो गए।

जांच पर उठे सवाल

– प्रवेश द्वार पर जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस क्यों नहीं पकड़ी गई?

– अभ्यर्थियों की तलाशी की जिम्मेदारी संभाल रहे कर्मचारियों से कहां चूक हुई?

– इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पहचान के लिए पर्याप्त जांच व्यवस्था थी या नहीं?

– परीक्षा कक्ष में सरसराहट की आवाज नहीं आती तो क्या नकल का प्रयास पकड़ में आ पाता?



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