झांसी। 20 साल पहले गैंग बनाकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के दोषी पर्वत सिंह कुशवाहा निवासी दतिया को विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) एडीजे देवाशीष की अदालत ने आठ वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, पर्वत सिंह कुशवाहा वर्ष 2005 से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त था। उसके खिलाफ हत्या के दो मामलों समेत कई अन्य आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आरोप है कि वह अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता था। उसके गिरोह की गतिविधियां दतिया, ग्वालियर और झांसी जिले के चिरगांव थाना क्षेत्र तक फैली हुई थीं।
मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक ने अदालत के सामने आरोपी की आपराधिक गतिविधियों और उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों से संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत किए। अभियोजन पक्ष की ओर से रखे गए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना। इसके बाद विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट की अदालत ने उसे आठ वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले को संगठित अपराध के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
बाप-बेटे के गिरोह ने उड़ाए थे सराफा कारोबारी
से 5.46 करोड़ के गहने, बेटा महाराष्ट्र से गिरफ्तार
मऊरानीपुर बस स्टैंड से हुई चोरी का पुलिस ने किया खुलासा, 1.40 लाख रुपये बरामद करने के साथ 17.06 लाख कराए फ्रीज, पिता समेत पांच आरोपियों को तलाश रही पुलिस
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मऊरानीपुर बस स्टैंड पर अमृतसर के सराफा कारोबारी गुरकीरत सिंह के 5.46 करोड़ रुपये के जेवर और नकदी चोरी मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र के गैंग का भंडाफोड़ किया है। यह गैंग बाप-बेटे ने बना रखा था। गिरोह बड़ी चोरियों की घटनाओं को अंजाम देता था।
पुलिस ने बेटे को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया, जबकि पिता समेत पांच आरोपियों को अभी तलाश रही है। हालांकि, करोड़ों रुपये के जेवरात चोरी मामले में पुलिस महज 1.40 लाख रुपये ही बरामद कर सकी।
शुक्रवार को घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी विकास कुमार ने बताया कि घटना के बाद सीसीटीवी खंगालने पर सफेद रंग की स्काॅर्पियो कार का पता चला। टोल प्लाजा को खंगालने पर जिस नंबर से फास्ट टैग रिचार्ज कराया, वह महाराष्ट्र का निकला। सुराग मिलने पर पुलिस ने महाराष्ट्र के महालंगी गांव निवासी अमोल मारुती पिटेकर (29) को पकड़ा। उसने पूछताछ में बताया पिता मारुति राजाराम के साथ गैंग बनाकर वे लोग चोरी की बड़ी घटनाओं को अंजाम देते हैं।
रेकी करते हुए जबलपुर से पीछे लगे थे आरोपी
आरोपी 28 अक्तूबर को जबलपुर के रास्ते छतरपुर पहुंचे। यहां गुरकीरत को देखकर उसकी रेकी करने लगे। रेकी करते हुए उसके पीछे मऊरानीपुर आ गए। मौका मिलने पर वारदात करके वे लोग छतरपुर के रास्ते ही महाराष्ट्र भाग निकले। रास्ते में सबसे पहले कार की नंबर प्लेट उखाड़ दी। पुलिस उसका ट्रांजिट रिमांड बनाकर झांसी लेकर आई। पूछताछ में अमोल ने पुलिस को बताया कि पिता मारुति राजाराम वारदात के समय गूगल मैप की मदद से रास्ता बता रहा था। वारदात के बाद 29 अक्तूबर को 3.50 लाख एवं 30 अक्तूबर को महाराष्ट्र ग्रामीण बैंक में 15 लाख रुपये जमा करा दिए। पुलिस ने 1.40 लाख रुपये नकद बरामद करने के साथ ही खाते में मिले 17.06 लाख रुपये फ्रीज करा दिए। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक मुकेश सोलंकी, स्वॉट प्रभारी विनय दिवाकर, कुलदीप पवार, रवि भदौरिया, अतीक, नवीन समेत अन्य शामिल रहे।
