मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां नहीं चलेंगी और जय श्रीराम बोलने पर कोई लाठी-डंडे नहीं चला सकेगा। पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा पर भी कोई प्रतिबंध नहीं लगा पाएगा। यह हम सबके संकल्प का प्रतीक बनना चाहिए। अयोध्या के वैभव को लूटने और बदनाम करने की कुदृष्टि अब नहीं पड़ने देंगे। सभी संकल्प लें कि आने वाले समय में हमारी अयोध्या पर किसी मंथरा और मारीच की कुदृष्टि न पड़े। मुख्यमंत्री रविवार को रामघाट हाल्ट के निकट निषाद बस्ती में आयोजित दीपावली मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सफाईकर्मियों, नाविकों, माझियों, निषाद समाज और स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षदों को सम्मानित किया और दीपावली का उपहार भेंट किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव में 30 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित हुए। देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही, लेकिन सुबह जब वह बाहर निकले तो सभी घाट स्वच्छ और सुंदर दिखाई दिए। कहीं गंदगी, अव्यवस्था या अराजकता नहीं थी। यह सफाईकर्मियों के परिश्रम और सेवाभाव का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अयोध्या की पहचान उसकी स्वच्छता और व्यवस्था से बनती है। जब कोई व्यक्ति बाहर जाकर गर्व से कहे कि वह अयोध्या से आया है तो सामने वाले के मन में भी सम्मान का भाव पैदा होना चाहिए। इसके लिए शहर को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

नाविकों और निषाद समाज का योगदान अभिनंदनीय

योगी ने कहा कि दीपोत्सव के दौरान सरयू आरती में नाविकों और माझियों ने पूरी मुस्तैदी से अपने दायित्वों का निर्वहन किया। हर शनिवार-रविवार, अमावस्या, पूर्णिमा और प्रमुख पर्वों पर लाखों श्रद्धालु सरयू में स्नान और दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में नाविकों, माझियों और निषाद समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी का आभार जताते हुए कहा कि अयोध्या की इस विरासत को आगे बढ़ाने में इनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि निषादराज, माता शबरी, वानर और भालुओं के सहयोग से भगवान श्रीराम ने राक्षसी शक्तियों के खिलाफ मोर्चाबंदी की थी और विजय प्राप्त की थी। भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में पूरे भारतवर्ष में दीप जलाकर उनका स्वागत किया गया। हजारों वर्ष पुरानी परंपराओं को दीपावली, होली, रक्षाबंधन, विजयादशमी, रामनवमी, विवाह पंचमी और अयोध्या के झूला मेले जैसे आयोजन आज भी जीवंत बनाए हुए हैं।

नई अयोध्या के निर्माण में हर वर्ग का योगदान

योगी ने कहा कि आज की अयोध्या को देखकर हर व्यक्ति उत्साहित होता है। सरकार निर्माण करा सकती है, लेकिन विकास की विरासत को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी स्थानीय लोगों की भी है। सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और संरक्षण सभी का दायित्व है। नई अयोध्या के निर्माण में पार्षदों, सफाईकर्मियों, माझियों और प्रत्येक नागरिक का योगदान है। आने वाली पीढ़ियां इस योगदान को याद करेंगी। उन्होंने सभी से अपील की कि अयोध्या को स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित और मर्यादित बनाए रखने का संकल्प लें।

सफाईकर्मियों, बच्चों, गोताखोरों और पार्षदों का सम्मान

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अवधेश निषाद, सूरज निषाद, चंदा निषाद, कौशल्या निषाद, रेनू निषाद, काजल निषाद, आराध्या, माधवी गौतम, अंश, ज्योति, सुनीता, बब्बन, संदीप और अरुण को सम्मानित किया। इनमें सफाईकर्मियों के साथ उनके बच्चे भी शामिल रहे।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षदों में पाटेश्वरी नगर की कुंती पांडेय, चित्रगुप्त नगर की मनीषा यादव, लाला लाजपत नगर के रामतीर्थ, कल्याण सिंह वार्ड के सूर्य कुमार तिवारी और झूलेलाल नगर के अभिनव पांडेय को सम्मानित किया गया। मां सरयू की स्वच्छता में योगदान देने वाले गोताखोरों सतीश माजी, ब्रजेश माजी, जग्गू माजी, बाबू निषाद और अभिषेक निषाद को भी सम्मान प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत, पवित्रता और विकास को सुरक्षित रखने का आह्वान किया।

मंदिर पहुंचे सीएम योगी

दसवें दीपोत्सव-2026 के सफल भव्य आयोजन के बाद रविवार सुबह गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनगरी के प्रमुख मंदिरों में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। दिन की शुरुआत उन्होंने संकट मोचन हनुमानगढ़ी में बजरंगबली के चरणों में शीश नवाकर की। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के बीच पूजा-अर्चना करते हुए उन्होंने श्रीराम भक्त हनुमान से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीराम जन्मभूमि परिसर पहुंचे और प्रभु श्रीरामलला के समक्ष श्रद्धापूर्वक नमन किया।

जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा परिसर

गोरक्षपीठाधीश्वर के हनुमानगढ़ी पहुंचते ही पूरा मंदिर परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। संतों एवं पुजारियों ने पारंपरिक रीति से उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने संकट मोचन के समक्ष माथा टेककर विधिवत आराधना की और प्रदेश में सुख-शांति, खुशहाली तथा जनकल्याण के लिए प्रार्थना की। दसवें दीपोत्सव के भव्य आयोजन के बाद रामनगरी में उनका यह धार्मिक प्रवास श्रद्धा और आस्था के भावों से परिपूर्ण रहा।

रामलला की आरती उतारी, मंदिर की परिक्रमा की

हनुमानगढ़ी में दर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री सीधे श्रीराम जन्मभूमि परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने प्रभु श्रीरामलला की आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद राम दरबार में भी विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर प्रदेश की निरंतर उन्नति और नागरिकों के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। दर्शन के बाद बाहर निकलने पर श्रद्धालुओं ने जयघोष के साथ उनका अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।

दीपावली पर प्रदेशवासियों के लिए की मंगलकामना

अयोध्या प्रवास के दौरान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहने की कामना की। दसवें दीपोत्सव की भव्यता और विश्व कीर्तिमान की उपलब्धि के बीच मुख्यमंत्री का प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन रामनगरी के आध्यात्मिक माहौल को और गरिमामय बना गया।

 

 

 



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