लोकर होने जैसे आकार का लोहे का ढंकन दिखाई देने से लगी सैकड़ों लोगो की भीड़-

नगर में पेयजल योजना अन्तर्गत हर घर नल का चल रहा कार्य-

पानी की लाइन का चैंबर होने का लगाया जा रहा अंदाजा-

समथर (झांसी)-नगर के मोहल्ला तिवरयाना में उस समय सैकड़ों की संख्या भी भीड़ एकत्रित हो गई।जब अमृत पेयजल योजना अन्तर्गत पाइप लाइन डालने का कार्य करते समय एक लोकर जैसे का भारी लोहे का ढंकन दिखाई दिया।
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने ढंकन को बाहर निकल वाया।जब उसमें कुछ नहीं मिला तो लोगों में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं होने लगीं। और धीरे-धीरे अपने अपने घर को चलें गए।
जानकारी के अनुसार नगर में अमृत पेयजल योजना अन्तर्गत हर घर पानी पहुंचाने के लिए नगर में विभिन्न जगहों पर पाइप लाइन डालने का कार्य किया जा रहा है।
जब मोहल्ला तिवरयाना में जेसीबी मशीन द्वारा खुदाई कार्य चल रहा था। तभी अचानक एक भारी लोहे का ढंकन जिसका आकार लोकर जैसा दिखाई दिया।
जिससे लोगों द्वारा लोकर होने का अंदाजा लगाए जाने लगा। धीरे धीरे इसकी खबर आग की तरह फैल गई।
जिसकी सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष अजमेर सिंह भदौरिया, उपनिरीक्षक मयंक मिश्रा, उपनिरीक्षक सचिन मिश्रा सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुच गया।
जब लोहे का ढंकन हटवाया। तो देखा नीचे एक होदी नामा आकार सा बना है। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है। कि पहले यहां से कभी पानी की पाइप लाइन का चैंबर हो सकता है। ढंकन का बजन लगभग पचास किलो ग्राम होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। हालांकि खबर लिखे जाने तक ढंकन किस चैंबर का है या नहीं यह स्पष्ट नहीं हो सका। हालांकि लोहे का ढंकन मिलने से तरह तरह की चर्चाएं हो रही है।


जब मौके पर मौजूद लोगों से ढंकन के बारे में जानना चाहा तों वहां पर मौजूद पूर्व पार्षद प्रतिनिधि देवेन्द्र कुमार रायकवार ने बताया। कि मैंने ऐसे आकार का लोहे का ढंकन कभी नहीं देखा। हालांकि वह इस ढंकन के बारे मे कुछ भी स्पष्ट नहीं बता सकें।

जब पंप आपरेटर यशवंत सिंह निरंजन एवं सेवानिवृत्त पंप आपरेटर हरवंश नगाइच से बात की तो उन्होंने बताया। कि यह ढंकन जल संस्थान की पाइप लाइन के चैंबर का है। यह ढंकन जल संस्थान की पानी की पाइप लाइन में वर्ष 1969/1970 के लगभग लगाएं जातें थें। जिससे जरुरत पड़ने पर पानी को बंद चालू किया जा सकें।

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