झांसी। नौ दिन इंतजार के बाद पुलिस ने सराफा कारोबारी से करोड़ों रुपये के गहनों के चोरी का खुलासा कर दिया लेकिन, सबसे अहम कड़ी चोरी हुए 5.46 करोड़ रुपये के गहनों के बारे में चुप्पी साध गई। पुलिस यह नहीं बता सकी कि आखिर ये गहने कहां गए। कारोबारी के बैग से 15 लाख नकदी भी चोरी हुई, लेकिन पुलिस महज 1.40 लाख रुपये ही बरामद कर सकी।
हाल के वर्षों में झांसी की इस सबसे बड़ी चोरी ने आला अफसरों को भी बेचैन कर दिया। खुलासे के लिए मऊरानीपुर पुलिस, स्वॉट एवं सर्विलांस की टीम झोंक दी गई। 5.46 करोड़ की चोरी होने के नाते एसआर रिपोर्ट एडीजी को भेजनी पड़ी। एडीजी स्तर से भी निगरानी की जा रही थी। एसपी ग्रामीण अरविंद कुमार, सीओ रत्नेश्वर सिंह ने भी डेरा डाल रखा था। एक दर्जन निरीक्षक और तेजतर्रार दरोगा भी लगे थे। बदमाशों की तलाश में पुलिस ने झांसी से महाराष्ट्र के बीच 2000 किलोमीटर तक सीसीटीवी कैमरे खंगाले।
घटना के 9 दिन बाद पुलिस ने जब खुलासा किया तब चोरी हुए जेवरातों को लेकर वह चुप्पी साध गई। करोड़ों रुपये के जेवर चोरी होने के बावजूद कोई भी जेवर पुलिस बरामद नहीं कर सकी। पुलिस के मुताबिक गिरोह में बाप-बेटे समेत छह लोग शामिल हैं। इनमें भी सिर्फ बेटा ही पकड़ा जा सका है। शेष आरोपियों के बारे में पुलिस ने कुछ नहीं बताया। सराफा कारोबारी गुरकीरत ने बताया कि उसके बैग में 15 लाख रुपये नकद थे। इस नकदी में भी सिर्फ 1.40 लाख रुपये ही बरामद हो सके हैं। पुलिस अफसरों का दावा है कि चोरी के बाद रकम बैंक में जमा कराई गई, लेकिन पुलिस यह नहीं बता सकी कि आरोपी ने यह रकम जमा की थी। बैंक से रकम को रिकवर करने के बजाय पुलिस टीम उसे फ्रीज करके लौट आई।
